बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। कोहरौलिया स्थित प्राचीन शिव मंदिर प्रांगण में आयोजित दस दिवसीय श्री विष्णु महायज्ञ का शनिवार को भव्य भंडारे के साथ श्रद्धा एवं उत्साह के बीच समापन हो गया। कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रातः लगभग 11 बजे कलश यात्रा निकाली गई, जिसके पश्चात विधि-विधान से हवन-पूजन संपन्न कराया गया।
विश्व कल्याण और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना से आयोजित इस महायज्ञ का आयोजन श्री गुरुदेव जी महाराज भर्गदेव नारायण द्विवेदी (यज्ञधीश, सोनभद्र) के सानिध्य में संपन्न हुआ। यज्ञ समिति, प्राचीन शिव मंदिर कोहरौलिया के अनुसार, आयोजन के दौरान प्रतिदिन दोपहर दो बजे से मिर्जापुर के आचार्य श्री गोपालधार द्विवेदी द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया जाता था, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होते रहे।

सायंकाल पांच बजे यज्ञ हवन का आयोजन होता था और रात्रि लगभग सात बजे से मथुरा-वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा आकर्षक कृष्णलीला की प्रस्तुति दी जाती थी। कृष्णलीला का मंचन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचे।
समापन दिवस पर कलश विसर्जन के बाद पुनः हवन-पूजन किया गया और विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। भंडारे में कोहरौल, मिश्रा, खड़िया, बांसी, बीना, चांदुआर सहित आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम के सफल संचालन में यज्ञ समिति, क्षेत्रीय श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों का विशेष योगदान रहा, जिनके सहयोग से दस दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
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