Last Updated:
‘मिर्जापुर’, ‘असुर’, ‘सेकरेड गेम्स’ समेत ऐसी कई सीरीज हैं, जिन्हें ऑडियंस ने खूब पसंद किया. लेकिन कई ऐसी वेब सीरीज भी हैं, जिनकी अच्छी आईएमडीबी रेटिंग होने के बावजूद कोई खास पॉपुलैरिटी नहीं मिल पाई. यहां हम आपको 5 अंडररेटेड वेब सीरीज के बारे में बताने जा रहे हैं.
‘सेक्रेड गेम्स’ नेटफ्लिक्स की सबसे पॉपुलर और हिट सीरीज है. क्रिटिक्स और ऑडियंस ने इसे खूब पसंद किया. लेकिन नेटफ्लिक्स पर 5 ऐसी सीरीज भी हैं, जिन्हें आपको जरूर देखनी चाहिए. इनमें से 3 क्राइम थ्रिलर, 1 कॉमेडी ड्रामा और डॉक्यू ड्रामा सीरीज हैं. एक सीरीज को इम्तियाज अली ने डायरेक्ट कर रही है.

इस क्रम में सबसे पहला नाम ‘ट्रायल बाय फायर’ का है. यह एक डॉक्यूमेंट्री ड्रामा है, जो साल 1997 के उपहार सिनेमा अग्निकांड पर बेस्ड है. साल 2023 में आई इस सीरीज की आईएमडीबी रेटिंग 7.7 है. सीरीज में अभय देओल और राजश्री देशपांडे ने लीड रोल निभाया था. राजश्री की अदाकारी को क्रिटिक्स ने भी खूब सराहा. सीरीज को प्रशांत नायर, रणदीप झा और अवनी देशपांडे ने डायरेक्ट किया है.

‘ट्रायल बाय फायर’ नीलम और शेखर कृष्णमूर्ति की किताब Trial by Fire: The Tragic Tale of the Uphaar Fire Tragedy से इंस्पायर्ड है. यह कहानी नीलम (राजश्री देशपांडे) और शेखर (अभय देओल) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्होंने अपने दो बच्चों को इस त्रासदी में खो दिया और न्याय के लिए दशकों तक लड़ाई लड़ी. 2023 के फिल्मफेयर ओटीटी अवार्ड्स में इसे 6 नॉमिनेशन मिले, जिनमें से दो अवॉर्ज – बेस्ट सीरीज (क्रिटिक्स) और बेस्ट एक्ट्रेस (ड्रामा सीरीज) जीते.

नेटफ्लिक्स की दूसरी अंडररेटेड सीरीज का नाम ‘ताज महल 1989’ है. यह एक रोमांटिक कॉमेडी है, जिसमें नीरज काबी, गीतांजलि कुलकर्णी, शीबा चड्ढा और दानिश हुसैन जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों ने काम किया. सीरीज को पुष्पेंद्र नाथ मिश्रा ने डायरेक्ट किया था. सीरीज की कहानी 1989 के लखनऊ में सेट है. इसी सीरीज में अलग-अलग उम्र के कपल के प्यार और रिश्तों के बारे में हैं.

‘ताज महल 1989’ की आईएमडीबी रेटिंग 7.5 है. सीरीज में तीन कपल की कहानियां साथ-साथ चलती हैं. एक प्रोफेसर कपल की शादी के बाद रिश्ते में समस्याएं चल रही हैं. दूसरा यंग कपल प्यार और अचीवमेंट्स के बीच बैलेंस बनाने की कोशिश कर रहे हैं और तीसरी एक सेक्स वर्कर रही महिला और उसके बॉयफ्रेंड की कहानी है.

तीसरी सीरीज का नाम ‘रे’ है. इसकी आईएमडीबी रेटिंग 7.1 है. यह सीरीज फिल्म निर्माता सत्यजित रे की शॉर्ट स्टोरीज पर बेस्ड है. इस एंथोलॉजी सीरीज में चार अलग-अलग कहानियां हैं, जिन्हें चार प्रतिभाशाली निर्देशकों – श्रीजीत मुखर्जी, अभिषेक चौबे, वासन बाला और नरेन चंदावरकर ने डायरेक्ट किया. रे की कहानियां दर्शकों को सत्यजित रे की साहित्यिक दुनिया में ले जाती हैं, जहां हर कहानी एक अलग भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक गहराई को छूती है.

‘रे’ में ‘हंगामा है क्यों बरपा’ और ‘स्पॉटलाइट’ वाली कहानी को खूब पसंद किया गया. सीरीज में मनोज बाजपेयी, अली फजल, के के मेनन, और हर्षवर्धन कपूर जैसे कलाकार ने शानदार प्रदर्शन किया है. ऑडियंस ने इस सीरीज की रचनात्मकता और कहानी कहने की शैली को सराहा है.

इम्तियाज अली के डायरेक्शन में बनी सीरीज ‘शी’ की आईएमडीबी रेटिंग 6.4 है. सीरीज की कहानी भक्ति रावत की है, जो एक पुलिस कांस्टेबल है और एक ड्रग गैंग का भंडा फोड़ने के लिए अंडरकवर मिशन पर जाती है. इस प्रोसेस में, वह अपनी यौनिकता और आत्मविश्वास की खोज करती है.

‘शी’ महिला के सशक्तिकरण और आत्म-जागरूकता की कहानी है, जो एक रोमांचक क्राइम ड्रामा के साथ बुनी गई है. आदति पोहनकर और विजय वर्मा की एक्टिंग ने इस सीरीज को दमदार बनाया है. हालांकि, IMDb पर 6.4 की रेटिंग दर्शाती है कि सीरीज मिक्स रिव्यूज मिले. ऑडियंस ने इसके साहसिक स्क्रिप्ट और इम्तियाज अली की कहानी कहने की स्टाइल की सराहना की.

‘लीला’ एक डायस्टोपियन ड्रामा सीरीज है, जो प्रियाग अकबर के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित है. नेटफ्लिक्स पर 2019 में रिलीज हुई इस सीरीज को दीपा मेहता, शंकर रमन और पवन कुमार ने डायरेक्ट किया है. सीरीज में हुमा कुरैशी ने शालिनी का किरदार निभाया. सीरीज की कहानी शालिनी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक टोटलिटेरियन शासन में अपनी खोई हुई बेटी की तलाश करती है.

‘लीला’ की स्क्रिप्ट भविष्य के भारत में सेट है, जहां सामाजिक और धार्मिक विभाजन चरम पर हैं. यह सीरीज न केवल एक मां की तलाश की कहानी है, बल्कि यह सामाजिक असमानता, धार्मिक कट्टरता और सरकारी दमन जैसे गंभीर मुद्दों पर भी फोकस करती है. सीरीज की आईएमडीबी रेटिंग 4.9 है. सीरीज हिंदूफोबिक होने की वजह से विवादो में रही थी.