सोनभद्र/एबीएन न्यूज। विगत 65 वर्षों की परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष भी बरैला बाबा भोलेनाथ श्रृंगार समिति, सोनभद्र द्वारा आयोजित दो दिवसीय बरैला महादेव श्रृंगार महोत्सव सावन माह के अंतिम बुधवार और बृहस्पतिवार, दिनांक 06 व 07 अगस्त 2025 को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।
महोत्सव के प्रथम दिन बुधवार को बरैला बाबा भोलेनाथ का फूलों की कसीदाकारी से सुसज्जित भव्य श्रृंगार अर्द्धनारीश्वर रूप में किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भक्त आध्यात्मिक विभोर हो उठे। सायं 4 बजे जैसे ही श्रृंगारित बरैला महादेव के पट खुले, भव्य आरती के साथ महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस दिव्य दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं, जो देर रात तक बनी रहीं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में सुंदरकांड का संगीतमय पाठ तथा शिव भजनों की सजीव प्रस्तुतियाँ की गईं, जिनमें “जय शंकर चन्द्र भाल गंगाधर कण्ठ व्याल”, “महाकाल है प्यारे”, “भोले-भोले हो शिवराजा” एवं “लीन हो रहा हूँ मैं शिव में” जैसे भावपूर्ण भजनों ने भक्तों को भावविभोर कर दिया। वातावरण शिवमय हो गया और हर ओर “हर हर महादेव” के जयघोष गूंजने लगे।
सायं 7 बजे से भंडारा प्रसाद का आयोजन हुआ, जिसमें पूड़ी, सब्जी व हलवा का प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया गया। श्रद्धा और सेवा भाव से परिपूर्ण इस आयोजन में देर रात तक दर्शन, पूजन और प्रसाद ग्रहण का क्रम चलता रहा।
07 अगस्त, गुरुवार को महोत्सव के द्वितीय दिवस पर दोपहर बाद हवन यज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें पूर्णाहुति के साथ महादेव को बाटी-चोखा, चावल, दाल, खीर व सलाद का भोग अर्पित किया गया। तत्पश्चात विधिवत आरती और महाप्रसाद वितरण का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, समिति सदस्यों, समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
श्रृंगार समिति के संयोजक, अध्यक्ष एवं समस्त पदाधिकारियों ने महोत्सव की सफलता के लिए श्रद्धालु भक्तों, सहयोगी समाजसेवियों तथा मीडिया बंधुओं का आभार प्रकट किया तथा यह घोषणा की कि अगले वर्ष सावन माह के अंतिम बुधवार को पुनः इस पावन श्रृंगार महोत्सव का आयोजन भव्य रूप में किया जाएगा।
बरैला महादेव का यह श्रृंगार महोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, अपितु भक्ति, परंपरा, संस्कृति और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण है, जो सदैव श्रद्धा और विश्वास की लौ को प्रज्वलित करता रहेगा।
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