लखनऊ/एबीएन न्यूज। आरडीएसओ के भगवान बिरसा मुण्डा प्रेक्षागृह में 18 दिसम्बर 2025 को संगठन की महिला कर्मचारियों के लिए लैंगिक उत्पीड़न निवारण अधिनियम (POSH) के प्रावधानों पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आरडीएसओ की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की चेयरपर्सन श्रीमती प्रियंका सिंह, समिति के अन्य सदस्य तथा संगठन की सभी महिला कर्मचारी उपस्थित रहीं।
कार्यशाला का संचालन अधिवक्ता प्रयागमती गुप्ता, लिटिगेशन इंचार्ज, माननीय कैट, लखनऊ बेंच द्वारा किया गया। उन्होंने POSH अधिनियम के प्रावधानों को सरल एवं सहज भाषा में समझाया तथा महिला कर्मचारियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान अधिनियम के कानूनी प्रावधानों के अनुरूप दिया। सत्र के दौरान कार्यस्थल पर सुरक्षित, सम्मानजनक और गरिमामय वातावरण की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर आरडीएसओ के अपर महानिदेशक श्री काज़ी मेराज अहमद ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने अधिवक्ता प्रयागमती गुप्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यस्थल पर सम्मान, सुरक्षा और गरिमा किसी भी संस्था की बुनियाद होती है। POSH अधिनियम हमें यह स्मरण कराता है कि लैंगिक उत्पीड़न केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों का भी हनन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंतरिक शिकायत समिति केवल एक वैधानिक औपचारिकता नहीं, बल्कि कर्मचारियों के विश्वास का मंच है।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में महिला कर्मचारियों के लिए वित्तीय साक्षरता एवं वित्तीय योजनाओं पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का संचालन AWOKE India Group के संस्थापक श्री प्रवीण कुमार द्विवेदी तथा सेबी पंजीकृत SMART (Securities Market) प्रशिक्षक श्री उत्तम कुमार ने किया। वक्ताओं ने वित्तीय साक्षरता के महत्व, निवेश के मूल सिद्धांतों और सुरक्षित वित्तीय निर्णयों की जानकारी दी तथा कर्मचारियों के प्रश्नों का विस्तार से उत्तर दिया।
अपर महानिदेशक ने अपने संबोधन में कहा कि वित्तीय साक्षरता केवल कमाने का ज्ञान नहीं है, बल्कि आय को संभालने, बढ़ाने, सुरक्षित रखने और सही समय पर निर्णय लेने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि Financial Literacy is not optional, it is a survival skill और अपने विचार इस संदेश के साथ समाप्त किए कि “आपकी आय आपकी समृद्धि तय नहीं करती, आपकी वित्तीय समझ तय करती है।”
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