बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। एनसीएल कृष्णशिला परियोजना के आवासीय परिसर से होकर ग्राम जमशीला की डाला बस्ती को जोड़ने वाले मार्ग को बंद करने की कोशिश मंगलवार को ग्रामीणों के कड़े विरोध के चलते विफल हो गई। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे जैसे ही उक्त मार्ग को बंद किया जाने लगा, वैसे ही दर्जनों की संख्या में ग्रामीण महिलाएं, पुरुष और बच्चे मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि डाला बस्ती में सैकड़ों लोग निवास करते हैं और परियोजना का आवासीय परिसर बनने से पहले से ही यही रास्ता उनके आवागमन का एकमात्र साधन रहा है। इसी मार्ग से बस्ती में शादी-विवाह, बच्चों का स्कूल आना-जाना, बाजार व दैनिक जरूरतों की पूर्ति होती है। यदि इस रास्ते को बंद कर दिया गया तो बस्ती के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि परियोजना प्रबंधन को इस संवेदनशील मुद्दे को स्वयं समझना चाहिए, लेकिन इसके बावजूद बार-बार गेट बंद करने का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है। विरोध के दौरान परियोजना के सुरक्षा अधिकारी ने ग्रामीणों को एचआर अधिकारी मनीष भंडारी से बात करने की सलाह दी। हालांकि जब एचआर से संपर्क किया गया तो उन्होंने इस विषय पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि अधिकारियों की ओर से धमकी दी गई कि रात के समय वोल्वो मशीन से गेट पर मिट्टी गिराकर रास्ता पूरी तरह जाम कर दिया जाएगा। इस आशंका से ग्रामीणों में रोष और बढ़ गया। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनके आवागमन के रास्ते को बंद करने का दोबारा प्रयास किया गया तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
फिलहाल ग्रामीणों के विरोध के चलते अधिकारी बिना रास्ता बंद किए ही बैरंग लौट गए, लेकिन क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
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