उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालय शीतकालीन अवकाश के बाद 16 जनवरी से पुनः खुल रहे हैं। स्कूलों के फिर से खुलने के साथ ही दो महत्त्वपूर्ण गतिविधियां, सत्रीय परीक्षाएं और निपुण आकलन, शुरू होने वाली हैं। हालांकि, कई शिक्षक अभी भी एसआईआर प्रणाली में उलझे हुए हैं, जिससे स्कूलों के लिए एक साथ दोनों महत्वपूर्ण कार्यों को संपन्न कराना चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। विद्यालयों का संचालन सुबह नौ बजे से तीन बजे तक होगा। ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए, कुछ जिलों में अभी भी विद्यालय बंद रह सकते हैं।
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक शीतकालीन छुट्टियां थीं। इसके बाद 15 जनवरी को मकर संक्रांति का सार्वजनिक अवकाश था। इन छुट्टियों के बाद शुक्रवार से विद्यालय खोले जा रहे हैं। स्कूल खुलने के तुरंत बाद, 24 जनवरी से विद्यालयों में सत्रीय परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जो 31 जनवरी तक चलेंगी। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा परीक्षाओं के संचालन के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए जा चुके हैं। यह राहत दी गई है कि परीक्षाएं दिसंबर तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम के आधार पर ही आयोजित की जाएंगी। इसके लिए विद्यालय स्तर पर प्रश्नपत्र तैयार किए जाएंगे।
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दिसंबर में शिक्षकों के एसआईआर प्रणाली से संबंधित कार्यों में व्यस्त रहने के कारण कई स्थानों पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई थी। इसी बीच, शिक्षकों के जिलों में समायोजन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, जिसका असर शुक्रवार से स्कूल खुलने पर देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर, 27 जनवरी से विद्यालयों का निपुण आकलन भी प्रारंभ किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग ने फरवरी तक सभी विद्यालयों में डीएलएड प्रशिक्षुओं के माध्यम से निपुण आकलन संपन्न कराने के विस्तृत निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग द्वारा इस कार्य के लिए आवश्यक बजट भी जारी कर दिया गया है। इस प्रकार, शीतकालीन अवकाश के उपरांत खुल रहे विद्यालयों में गतिविधियों की काफी गहमागहमी रहने की उम्मीद है, जिससे शैक्षणिक सत्र को गति मिलेगी।