इलाहाबाद/एबीएन न्यूज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरुद्ध प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर विधिक जांच शुरू करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने यह निर्देश मामले में प्रस्तुत तथ्यों, बच्चों के दर्ज बयानों तथा पुलिस की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर विचार करने के बाद दिया।
प्रकरण उस समय प्रकाश में आया जब आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने दो बच्चों को हाईकोर्ट में प्रस्तुत करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण सहित गंभीर आरोप लगाए। न्यायालय ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 13 फरवरी को दोनों बच्चों के बयान दर्ज किए थे।
इस बीच प्रयागराज पुलिस कमिश्नर की ओर से मामले की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट और दर्ज बयानों का अवलोकन करने के बाद हाईकोर्ट ने संबंधित थाने को एफआईआर दर्ज कर विधिक प्रक्रिया के तहत विस्तृत जांच करने का आदेश दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और विधि सम्मत तरीके से की जाए तथा तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अब संबंधित पुलिस इकाई द्वारा एफआईआर दर्ज कर प्रकरण की विस्तृत विवेचना की जाएगी। मामले को लेकर विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों की निगाहें भी न्यायिक और पुलिस कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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