लखनऊ/एबीएन न्यूज। भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान (आईआरआईटीएम) में 24 फरवरी 2026 को “प्रौद्योगिकी, iGOT (एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण) एवं एआई-सक्षम प्रशिक्षण गुणवत्ता संवर्धन” विषय पर क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग की प्रधान सलाहकार चंद्रलेखा मुखर्जी ने की। इसमें विभिन्न प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
आईआरआईटीएम के महानिदेशक रंजन प्रकाश ठाकुर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों में प्रभावशीलता, पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी, iGOT कर्मयोगी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा एआई-सक्षम उपकरणों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय क्षमता निर्माण मिशन के अंतर्गत आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रधान सलाहकार चंद्रलेखा मुखर्जी ने अपने उद्घाटन वक्तव्य में प्रशिक्षण प्रणाली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीक के एकीकरण को भविष्य के दक्ष सिविल सेवकों के निर्माण के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने सार्वजनिक सेवा प्रशिक्षण में नवाचार, सहयोग और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में क्षमता निर्माण आयोग की भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यशाला में प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रशिक्षण ढांचे, iGOT प्लेटफॉर्म पर सामग्री चयन, एआई आधारित उपकरणों के उपयोग, डिजिटल तत्परता, हाइब्रिड प्रशिक्षण मॉडल और संकाय क्षमता विकास जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए गए। इन चर्चाओं में एआई के उत्तरदायी उपयोग और संस्थागत तैयारी को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया।

आईआरआईटीएम के अपर महानिदेशक संजय त्रिपाठी एवं संकाय सदस्यों ने भी सक्रिय भागीदारी करते हुए संस्थान के अनुभव साझा किए। कार्यशाला ज्ञान-विनिमय और सहयोग को बढ़ावा देने के साथ मिशन कर्मयोगी के अनुरूप प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। समापन सत्र में धन्यवाद ज्ञापन के साथ प्रशिक्षण मानकों को प्रौद्योगिकी, नवाचार और सतत सुधार के माध्यम से और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
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