पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। हर दिन हमलों ने पश्चिम एशिया को अस्थिर कर दिया है। इसी बीच कतर के रास लाफान गैस संयंत्र पर हुए हमले से फिर एक बार पूरी दुनिया से प्रतिक्रिया आ रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच यूरोपीय देशों और जापान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की है।
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और जापान ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि निहत्थे वाणिज्यिक जहाजों पर हमले वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं। इन देशों ने ईरान से तुरंत ड्रोन, मिसाइल हमले और समुद्र में बारूदी सुरंग बिछाने जैसी गतिविधियां रोकने की मांग की है। साथ ही सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने में सहयोग देने की बात कही गई है। बयान में ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए रणनीतिक तेल भंडार जारी करने और उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों का भी जिक्र किया गया है।
क्या बोले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री?
ब्रिटेन के पीएम स्टारमर ने कहा कि इस तरह के हमले क्षेत्र की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन इस संकट का जल्द समाधान चाहता है। उनके अनुसार, युद्ध खत्म करना ही महंगाई और वैश्विक दबाव को कम करने का सबसे तेज तरीका है।
संयुक्त राष्ट्र ने युद्ध रोकने की अपील की
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और इस्राइल से ईरान के खिलाफ युद्ध खत्म करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह संघर्ष पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो सकता है। गुटेरेस ने ईरान से भी कहा कि वह पड़ोसी देशों पर हमले बंद करे। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की मांग की, ताकि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति सामान्य हो सके।
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जर्मनी बोला- युद्ध खत्म होने के बाद ही हस्तक्षेप
जर्मनी ने साफ कर दिया है कि वह पश्चिम एशिया में तब तक कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा, जब तक युद्ध जारी है। चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि जर्मनी केवल तब भूमिका निभाएगा, जब हालात शांत होंगे। उन्होंने कहा कि जर्मनी समुद्री रास्तों को सुरक्षित बनाने में मदद कर सकता है, लेकिन यह तभी संभव है जब युद्ध रुक जाए। इस बयान से साफ है कि यूरोपीय देश सीधे सैन्य भूमिका से दूरी बनाए हुए हैं।
फ्रांस ने कहा- खतरनाक स्तर पर पहुंचा संघर्ष
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पश्चिम एशिया में बढ़ते हमलों को “खतरनाक बढ़ोतरी” बताया है। उन्होंने कहा कि अब ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। मैक्रों ने कहा कि यह संघर्ष अब नए और ज्यादा खतरनाक चरण में पहुंच गया है। उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच सीधे बातचीत की अपील की, ताकि हालात को और बिगड़ने से रोका जा सके।
पश्चिम एशिया में बढ़ता संकट, दुनिया चिंतित
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध अब वैश्विक चिंता का विषय बन गया है। इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते हमलों ने हालात को और गंभीर बना दिया है। ऊर्जा ठिकानों पर हमले और मिसाइल हमलों के चलते कई देश सीधे प्रभावित हो रहे हैं।
दुनिया के बड़े देश अब इस संघर्ष को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र, यूरोप और अन्य देश लगातार अपील कर रहे हैं कि युद्ध जल्द खत्म किया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ सकता है।
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