सोनभद्र/एबीएन न्यूज। भारत सरकार की मिनीरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आजीविका को मजबूत बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। “सशक्त किसान समृद्ध गांव” कार्यक्रम के तहत एनसीएल ने पशुओं के लिए ‘डोर-स्टेप’ कृत्रिम गर्भाधान सेवा का शुभारंभ किया है।
इस पहल के तहत स्थानीय क्षेत्र के पशुपालकों को उनके घर पर ही कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। एनसीएल की इस पहल का उद्देश्य पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाना और ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करना है। कार्यक्रम के प्रथम चरण में अब तक 25 परिवारों के 33 पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया जा चुका है।
एनसीएल द्वारा इस सेवा में ‘सॉर्टेड सीमेन’ तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे मादा बछिया के जन्म की लगभग 90 प्रतिशत संभावना रहती है। इससे भविष्य में पशुपालकों को उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाले पशु प्राप्त होंगे और उनकी दैनिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
यह ‘डोर-स्टेप’ कृत्रिम गर्भाधान सेवा सिंगरौली जिले की चार ग्राम पंचायतों—चुरकी, छतरी, चकरिया और बरिहावा—के अंतर्गत आने वाले करीब 10 गांवों में संचालित की जा रही है। इस पहल के माध्यम से लगभग 2000 गरीब और वंचित परिवारों को लाभ मिलने की संभावना है।
इसके अलावा एनसीएल द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रामीणों को इस सेवा के उद्देश्यों और लाभों के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक पशुपालक इस योजना का लाभ उठा सकें।
गौरतलब है कि एनसीएल ने ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और गरीब परिवारों की आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सीएसआर के तहत बायफ लाइवलीहुड्स के साथ “सशक्त किसान, समृद्ध गांव” एकीकृत सामुदायिक विकास कार्यक्रम के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है। इस एमओयू के तहत जलवायु-संवेदनशील कृषि पद्धतियों को बढ़ावा, वाड़ी विकास, जल संसाधन विकास, पशुधन विकास और संस्थागत सुदृढ़ीकरण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
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