लखनऊ/एबीएन न्यूज। रेल परिवहन को सुरक्षित बनाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रमुख कार्यकारी निदेशक/संरक्षा, रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली श्री संजय मिश्रा ने आज पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल के लखनऊ जंक्शन स्टेशन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने एकीकृत क्रू लॉबी, अवध रनिंग रूम और आर.आर.आई पैनल रूम का सघन निरीक्षण किया।
निरीक्षण उपरांत श्री मिश्रा ने मंडल रेल प्रबंधक श्री गौरव अग्रवाल, अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) श्री रजनीश गुप्ता एवं विभिन्न शाखाधिकारियों की उपस्थिति में संरक्षा संबंधी समीक्षा बैठक की।
बैठक की शुरुआत में वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी डॉ. शिल्पी कन्नौजिया ने पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से मंडल में चल रहे संरक्षा कार्यों, अनुरक्षण प्रक्रिया और कर्मचारियों की काउंसलिंग प्रणाली पर विस्तृत जानकारी दी।
अपने संबोधन में श्री संजय मिश्रा ने कहा कि ट्रेन संचालन के दौरान सतर्कता और संरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि रेलपथ, कैरेज, सिग्नलिंग और विद्युत संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शॉर्टकट पद्धति स्वीकार्य नहीं होगी। सभी कार्य संरक्षा मैनुअल के अनुसार ही किए जाएं ताकि रेल परिचालन सुरक्षित और विश्वसनीय बना रहे।
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री गौरव अग्रवाल ने आश्वस्त किया कि रेलवे बोर्ड के सभी दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा तथा संरक्षा को और मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान श्री मिश्रा ने क्रू मैनेजमेंट सिस्टम पुस्तिका, साइन ऑन/साइन ऑफ पंजिका, ब्रेथ एनालाइजर पंजिका, काउंसलिंग पंजिका और काशन पंजिका का अवलोकन किया तथा इनके बेहतर रखरखाव की सराहना की। उन्होंने कुछ सुधारात्मक सुझाव भी दिए।
इसके बाद उन्होंने अवध रनिंग रूम का निरीक्षण किया और लोको पायलटों व ट्रेन मैनेजरों के खानपान एवं विश्राम की सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने लोको पायलटों से सार्थक चर्चा कर उनकी समस्याओं को भी सुना।
अंत में उन्होंने आर.आर.आई पैनल रूम का निरीक्षण किया और सिग्नलिंग एवं ट्रेन संचालन से जुड़ी तकनीकी व्यवस्थाओं की कार्यक्षमता का मूल्यांकन किया। श्री मिश्रा ने सिग्नलिंग प्रणाली को और बेहतर करने हेतु आवश्यक तकनीकी सुझाव दिए।
इस निरीक्षण और समीक्षा बैठक में मंडल के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सा अधीक्षक, परिचालन, इंजीनियरिंग, विद्युत, सिग्नल, यांत्रिक, वाणिज्य, वित्त और जनसंपर्क विभाग के प्रतिनिधि सहित संरक्षा सलाहकार एवं अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
