सोनभद्र/एबीएन न्यूज़। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी बी.एन. सिंह की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा की उपस्थिति में जनपद के विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) अधिकारियों के साथ अहम बैठक हुई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद सोनभद्र में स्थापित सीएसआर कंपनियों की धनराशि का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, सफाई और बुनियादी सुविधाओं के विकास में किया जाए। उन्होंने कहा कि कंपनियां अपने आसपास के गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दें, ताकि ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।
उन्होंने बताया कि कंपनी अधिनियम 2015 की धारा 135 के अनुसार, जिन कंपनियों का नेटवर्थ ₹500 करोड़ या अधिक, टर्नओवर ₹1000 करोड़ या अधिक, या नेट प्रॉफिट ₹5 करोड़ या अधिक है, उन्हें अपने पिछले तीन वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का कम से कम 2% सीएसआर गतिविधियों पर खर्च करना अनिवार्य है।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी सीएसआर परियोजना का चयन और क्रियान्वयन जिला स्तरीय समिति की स्वीकृति के बिना न हो। जनप्रतिनिधियों, एनजीओ या अन्य संस्थाओं से मिले सभी प्रस्ताव समिति के अनुमोदन के बाद ही लागू किए जाएं। वर्तमान में सक्रिय सीएसआर इकाइयों के साथ-साथ नई इकाइयों को भी डेटाबेस में जोड़ा जाए। अनुमोदित प्रस्तावों का विवरण उपायुक्त उद्योग कार्यालय और पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, उपायुक्त उद्योग केशव यादव, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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