सोनभद्र/एबीएन न्यूज। अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र शैलेन्द्र यादव ने अवगत कराया है कि माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय की मीडिएशन एवं कंसीलियेशन प्रोजेक्ट कमेटी के निर्देशानुसार एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र के आदेशानुसार 1 जुलाई 2025 से 30 सितम्बर 2025 तक पूरे देश में राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान संचालित किया जा रहा है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित ऐसे प्रकरणों का, जिनमें समाधान की संभावना प्रबल हो, मध्यस्थता के माध्यम से शीघ्र निस्तारण करना है। इसके तहत वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा विवाद, शमनीय आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, संपत्ति बंटवारा, बेदखली, भूमि अधिग्रहण एवं अन्य उपयुक्त दीवानी मामलों को चिन्हित कर सुलह-समझौते से निपटाया जाएगा।
अभियान के दौरान आमजन अपने लंबित मामलों को संबंधित न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर चिन्हित कर सकते हैं और मध्यस्थता केन्द्र के माध्यम से निस्तारण का लाभ उठा सकते हैं।
अभियान की सफलता के लिए अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विश्राम कक्ष में न्यायिक अधिकारियों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें निर्देश दिया गया कि संबंधित श्रेणी के अधिक से अधिक मामलों को चिन्हित कर पक्षकारों के बीच सुलह वार्ता के लिए मध्यस्थता केंद्र भेजा जाए तथा उचित परामर्श प्रदान किया जाए।
इस अवसर पर आलोक यादव (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सोनभद्र), अमित कुमार (तृतीय) (सिविल जज सीडी, सोनभद्र), राहुल (सिविल जज सीडी/एफटीसी, सोनभद्र), यादवेन्द्र सिंह (सिविल जज जूडि., सोनभद्र), इन्दू वर्मा (न्यायिक मजिस्ट्रेट, सोनभद्र), नित्यानंद त्यागी (न्यायाधिकारी, ग्राम न्यायालय घोरावल), शिवेश राज (अपर मि. जज जूडि., कोर्ट संख्या-3, सोनभद्र) समेत अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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