लखनऊ/एबीएन न्यूज। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ की वार्षिक कार्ययोजना (2025–26) के तहत आज 2 दिसंबर 2025 को एडीआर भवन में पराविधिक स्वयंसेवकों (अधिकार मित्र) की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी पराविधिक स्वयंसेवकगण की उपस्थिति रही और विभिन्न सामाजिक-न्यायिक विषयों पर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में महिला सशक्तिकरण एवं महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया गया। इस क्रम में खासकर महिला पराविधिक स्वयंसेवकों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर अधिक से अधिक महिलाओं को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभों को गांव-गांव तक पहुँचाने पर जोर दिया गया ताकि पात्र लाभार्थियों तक समय पर सहायता पहुँच सके। इसके अलावा सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं एवं NALSA स्कीम के प्रसार हेतु भी दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में पराविधिक स्वयंसेवकों को स्थायी लोक अदालत की उपयोगिता बताते हुए इसे आम जनता तक पहुँचाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही उपभोक्ता आयोग, उपभोक्ता अधिकारों एवं उनके समाधान से जुड़े प्रावधानों के बारे में जानकारी देकर इनके प्रचार-प्रसार का आह्वान किया गया।
वैवाहिक विवादों के समाधान हेतु जिले में संचालित प्री-लिटिगेशन स्टेज की जानकारी भी विस्तृत रूप से दी गई और लोगों को न्यायालय जाने से पूर्व मध्यस्थता प्रक्रिया का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में यह भी बताया गया कि 3 दिसंबर 2025 को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार, समानता एवं सशक्तिकरण से संबंधित जानकारी जन-जन तक पहुँचाई जाए। साथ ही एचआईवी/एड्स की रोकथाम एवं जागरूकता कार्यक्रमों को भी प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए। यह जानकारी शैलेन्द्र यादव, अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा प्रदान की गई।
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