सिंगरौली/सोनभद्र। भारत सरकार की मिनीरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) द्वारा “नवाचार और सर्वोत्तम प्रथाओं” पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। एमडीआई परिसर, सीईटीआई सिंगरौली में आयोजित इस सेमिनार के दौरान प्रतिभागियों ने कोयला उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ावा देने हेतु नवाचारी तकनीकों एवं सर्वोत्तम प्रथाओं संबंधी अपने विचार पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किए। इस दौरान महाप्रबंधक (आईईडी) श्री मनोज कुमार सिंह एवं महाप्रबन्धक (सामग्री प्रबंधन), श्री ए.के.सिन्हा उपस्थित रहे।
सेमिनार के दौरान भारी मशीनों के प्रभावशीलता विश्लेषण, पेपरलैस विक्रय ऑर्डर, नवचारी पद्धति से उत्पादकता में वृद्धि, विस्फोटक लागत में कमी हेतु नियंत्रण उपाय, खुली कोयला खदानों में घिसाव प्रतिरोधी टूथ प्वाइंट असेंबली का डिजाइन और विकास, ई एंड एम इन्स्टालेशन संबंधी सर्वोत्तम प्रथाएँ, सौर ऊर्जा उत्पादन, ऑटोमैटिक ब्रेकिंग/ वार्निंग सिस्टम इन एचईएमएम तथा एनसीएल के विभिन्न खदानों में प्रयोग की जा रही सर्वोत्तम प्रथाओं एवं अन्य विषयों पर प्रतिभागियों ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से उपस्थित सभी को जानकारी प्रदान की।
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इस अवसर पर एनसीएल के विभिन्न परियोजना एवं इकाइयों से लगभग 70 प्रतिभागियों ने सेमिनार में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सेमिनार के अंत में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया।
गौरतलब है कि एनसीएल द्वारा यह सेमिनार “राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह” के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। 12 से 18 फरवरी तक आयोजित “उत्पादकता सप्ताह” के दौरान एनसीएल के सभी कोयला क्षेत्रों और इकाइयों में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाए जाने के प्रति कर्मियों को प्रेरित किया जा रहा है।