सोनभद्र/एबीएन न्यूज। विंध्याचल मंडल के मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने जिलाधिकारी बी.एन. सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, राज्य स्वायत्तशासी चिकित्सा महाविद्यालय सोनभद्र के प्राचार्य और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ संयुक्त रूप से मलेरिया ट्रीटमेंट कार्ड का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंडलायुक्त ने कहा कि मलेरिया ट्रीटमेंट कार्ड के उपयोग से मलेरिया रोगियों की ट्रैकिंग और उनके पूर्ण उपचार की जानकारी रखना आसान हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि सभी ब्लॉकों के लैब टेक्नीशियन द्वारा मलेरिया रोगियों का मलेरिया ट्रीटमेंट कार्ड भरा जाएगा, जबकि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा रोगियों का समुचित और पूर्ण उपचार सुनिश्चित कराया जाएगा। मंडलायुक्त ने कहा कि मलेरिया प्रभावित जनपद सोनभद्र के लिए यह कार्ड अत्यंत उपयोगी साबित होगा और इससे रोगियों की निगरानी तथा उपचार व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा।
इस अवसर पर विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के प्रथम चरण के सफल संचालन को लेकर जिलाधिकारी बी.एन. सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय अंतर्विभागीय बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में चिकित्सा विभाग, ग्राम विकास विभाग, नगर पालिका और नगर पंचायत, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, बाल विकास पुष्टाहार तथा सूचना विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान जनपद में 1 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक चलाया जाएगा, जबकि दस्तक अभियान 10 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत विभिन्न विभाग जनजागरूकता के माध्यम से लोगों को संक्रामक रोगों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करेंगे तथा बुखार आने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इसकी जानकारी भी देंगे।
दस्तक अभियान के दौरान आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर बुखार, क्षय रोग, कुष्ठ रोग, फाइलेरिया और आईएलआई जैसे रोगों के संभावित मरीजों की सूची तैयार की जाएगी। साथ ही कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषाहार उपलब्ध कराया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर एनआरसी में संदर्भित किया जाएगा तथा आभा आईडी भी बनाई जाएगी।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि स्कूलों में प्रतिदिन प्रार्थना के समय बच्चों को संक्रामक रोगों से बचाव के उपायों, हाथ धोने के सही तरीके और स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए। साथ ही सभी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में साबुन या हैंडवॉश की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि डंपिंग यार्ड की नियमित सफाई कराई जाए, जल निकासी और कचरा निस्तारण की व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए तथा एंटीलार्वल छिड़काव और फॉगिंग नियमित रूप से कराई जाए। वहीं ग्राम विकास विभाग को गांवों में साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही पशुपालन और कृषि विभाग को स्क्रब टाइफस और लैप्टोस्पायरोसिस जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि अभियान के दौरान प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए और सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर निगरानी और समन्वय बनाए रखें।
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